दो दिन बाकि परीक्षा में, छात्रों को नहीं मिले रोल नंबर

आरटीएम नागपुर विवि ने कॉलेजों को 14 फरवरी से प्रथम वर्ष के प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं लेने का निर्देश दिया है लेकिन इस संबंध में विश्वविद्यालय द्वारा अब तक अधिसूचना जारी नहीं की गई. यही वजह है कि परीक्षाओं को लेकर संदेह पैदा हो गया है. दूसरी ओर एमकेसीएल को परीक्षा की तैयारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. एमकेसीएल ने डाटा तैयार करने में काफी वक्त लगा दिया. इस वजह से भी परीक्षा में देरी हो गई. अनिश्चितता के बीच घटनाक्रम को देखते हुए छात्रों को समय पर इनरोलमेंट नंबर और रोल नंबर मिलेगा या नहीं, इस पर भी संदेह बना हुआ है. इससे परीक्षा में फिर देरी होने की संभावना है.

प्रोमार्क कंपनी पिछले कुछ वर्षों से छात्र पंजीकरण और परीक्षा के लिए डाटा संकलित करने पर काम कर रही है. इस वर्ष से यूनिवर्सिटी ने यह काम एमकेसीएल को दिया है. एमकेसीएल विवि प्रवेश से लेकर पंजीयन और परीक्षा तक का कार्य करेगी. अब कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा.

कोरोना की वजह से विवि प्रशासन ने परीक्षा शुल्क में 75 फीसदी की कटौती की है. इसके अलावा संपूर्ण शुल्क विवि द्वारा मांगें जाने से परीक्षा संचालित करना कॉलेजों के लिए मुश्किल हो गया था. बिना निधि के कॉलेजों के लिए परीक्षाएं संचालित संभव था. इसी समस्या के समाधान के लिए विवि ने कॉलेजों से गूगल फार्म पर ऑनलाइन परीक्षा लेने का विकल्प दिया है. अब कॉलेज पेपर तैयार कर ऑनलाइन परीक्षा लेने की तैयारी कर रहे हैं. छात्र मोबाइल पर भी परीक्षा दे सकेंगे. परीक्षा देते वक्त रोल नंबर और इनरोलमेंट नंबर भी आवश्यक होगा जो कि अब तक नहीं मिला है. गूगल फार्म जैसे ओपन प्लेटफार्म पर परीक्षा लेने से पारदर्शिता पर सवालिया निशान तो लगना ही है. साथ ही गुणवत्ता पर असर पड़ेगा.

महाविद्यालय परीक्षा लेने के लिए पूरी तरह से तैयार है. विवि की सूचना के अनुसार गूगल फार्म पर परीक्षा ली जाएगी. अब महाविद्यालय विवि की ओर से छात्रों के एनरोलमेंट नंबर और रोल नंबर की प्रतीक्षा कर रहे हैं.

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