जानें कौन थे गायक सिद्धू मूसेवाला, विवादों से भरा रहा सफर, किन किन गानों से रहे चर्चा में
पंजाब के प्रसिद्ध गायक सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। सिद्धू मूसेवाला का पूरा नाम शुभदीप सिंह सिद्धू है। 11 जून 1993 को मूसेवाला का जन्म मानसा के गांव मूसेवाला में हुआ था। 29 मई यानी रविवार को बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर उनकी हत्या कर दी। मूसेवाला की पहचान पंजाबी गायक, रैपर, गीतकार और पंजाबी सिनेमा से जुड़े अभिनेता के तौर पर थी। वह अपने विवादित गीतों की वजह से हमेशा चर्चा में रहते थे। मूसेवाला ने “लाइसेंस” गीत लिखकर अपने करियर की शुरुआत की थी। “जी वैगन” नामक युगल गीत से गायक के तौर पर अपना करियर शुरू किया। मूसेवाला के पिता भोला सिंह पूर्व सेनाधिकारी तो मां चरन कौर गांव की सरपंच थीं। उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की थी।

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला युवाओं में भले ही लोकप्रिय थे लेकिन उन पर अपने गीतों में गन-कल्चर को बढ़ावा देने का आरोप लगते रहे थे। मूसेवाला के दो वीडियो, जिनमें वह बंदूक दिखा रहे थे, चार मई 2020 को वायरल हुए थे। उनमें से एक वीडियो में वह एके-47 राइफल के साथ ट्रेनिंग लेते भी दिखाई दे रहे थे। इस वीडियो में एक पुलिस अधिकारी भी दिखाई दिया था। इसके चलते छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था।

मूसेवाला पर बरनाला पुलिस ने शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। जुलाई 2020 में मूसेवाला को नियमित जमानत मिली। जुलाई 2020 में ही मूसेवाला ने अपना गीत ‘संजू’ रिलीज किया, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को ‘बैज ऑफ ऑनर’ बताया था। इस पर ओलंपियन निशानेबाज अवनीत कौर सिद्धू ने भी उनकी आलोचना की थी। दिसंबर 2020 में मूसेवाला ने एक और गीत ‘पंजाब’ रिलीज कर नया विवाद खड़ा कर दिया था, क्योंकि इस गीत में उन्होंने खालिस्तान समर्थक जरनैल सिंह भिंडरावाले का महिमामंडन किया था।
उल्लेखनीय है कि सिद्धू मूसेवाला उस समय विवाद में घिर गए थे, जब उन्होंने अपने एक गीत में सिख इतिहास में सुनहरी अक्षरों में अंकित सत्कार योग्य माई भागो के बारे में टिप्पणी की। इस गीत से सिख समुदाय में गुस्सा भड़क गया और श्री अकाल तख्त के जत्थेदार द्वारा मूसेवाला को पेश होने का आदेश जारी हुआ।