ग्रामीण क्षेत्रों में जल्द ही नियमित रूप से शुरू होगी बसे

ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए अच्छी खबर है. जिस तेज रफ्तार से एसटी कर्मी नौकरी पर वापसी रहे हैं, उससे अधिकारियों को आशा है कि वे जल्द अपनी फुल संख्या 450 बसों के साथ सभी ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा शुरू कर सकेंगे. ग्रामीण क्षेत्र में बीते 7 महीनों से एसटी बस व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है. स्थानीय निवासी आने-जाने के लिए निजी बसों का उपयोग कर रहे हैं. इसमें उनकी जेब तो ढीली हो ही रही है, साथ ही समय भी ज्यादा लग रहा है.

सूत्रों की मानें तो एसटी हड़ताल समाप्ति की ओर धीरे धीरे बढ़ रही है. ज्यादातर कर्मचारी नौकरी पर लौटने को ही सही निर्णय मान रहे हैं. इसी कारण हड़ताल से मोहभंग होने वाले कर्मचारियों का आंकड़ा भी बढ़ रहा है. अभी तक करीब 1,283 एसटी कर्मी नौकरी ज्वाइन कर चुके हैं. 145 कर्मचारी और बचे हैं. अधिकारियों की मानें तो इन कर्मचारियों में सबसे ज्यादा संख्या ड्राइवर और कंडेक्टरों की है जो बसों को चलाने में अपना अहम योगदान देते हैं. एसटी प्रबंधन को इन्हीं का इंतजार था.

जैसे-जैसे एसटी बसों की संख्या में इजाफा हो रहा है वैसे-वैसे महामंडल की आय भी बढ़ रही है. सोमवार को 333 बसें चलाई गईं. इनमें गणेशपेठ डिपो से 61, इमामवाड़ा- 45, घाट रोड- 53, उमरेड- 30, सावनेर-26, वर्धमान- 37, रामटेक-30 और काटोल डिपो से 51 बसें चलाई गईं. इन बसों ने 1,131 फेरियां कीं. इस दौरान बसों ने 99,738.4 किलोमीटर की यात्रा की. आज बसों से महामंडल को 36,42,446.37 की आमदनी हुई. इस दौरान सभी बसों में 36,028 यात्रियों ने यात्रा की.

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